Recent Blog Posts

फेसबुकिया पसंदगी- नापसंदगी

सबसे पहले तो पसंदगी-नापसंदगी व्यक्ति, वस्तु या स्थान से प्रत्यक्षतः होती ही नहीं, होती है तो कर्ता के मन में बनी उसकी तस्वीर से। जाहिर है कि कोई तस्वीर सबके लिए प्रशंसनीय ही हो, आवश्यक नहीं, एक के लिए जो अच्छी है वह कईयों के लिए कम अच्छी या थोड़ा-ज्यादा बुरी भी हो सकती है।Continue reading “फेसबुकिया पसंदगी- नापसंदगी”

काम पूजा है; पूजा काम नहीं

हम हिन्दुस्तानी, चाहे हिंदू हों, मुस्लिम, सिक्ख या पारसी- दुनिया के किसी भी देश के लोगों से ज्यादा समय धार्मिक कर्मकांडों में बिताते हैं। “सात वार और नौ त्यौहार” कहावत ऐसे ही थोड़ा ही न है! धार्मिक अवकाश (घोषित) के दिन, रोज के प्रार्थना/नमाज़/अरदास आदि, सत्संग, प्रवचन, कीर्तन- भजन आदि मैं बिताए घंटे, इन सबकाContinue reading “काम पूजा है; पूजा काम नहीं”

तिरंगे के कुछ रोचक तथ्य

# तिरंगे से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण बातों की जानकारी प्रायः उपलब्ध नहीं है। सबसे रोचक बात यह है कि इसमें वास्तव में चार रंग हैं। तीन मुख्य रंगों का, भारतीय मानक ब्यूरो और अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के अनुसार पूरा वर्णन है-भारतीय केसरी, श्वेत और भारतीय हरा। चौथा रंग हैं-गहरा नीला जिसमें तिरंगे की श्वेत पट्टी परContinue reading “तिरंगे के कुछ रोचक तथ्य”

अंग्रेजी बनाम हिंदी

किसी भी समाज की भाषा उसकी गरिमा और सांस्कृतिक पहचान की वाहिका भी होती है और उसकी कसौटी भी। परिवर्तन का माध्यम वही भाषा बन सकती है जो जनता की अपनी है, विशेषकर आज के लोकतान्त्रिक युग में। शक्तिवानों व उच्च वर्ग की भाषा (हमारे देश में अंग्रेजी) के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक-आर्थिक परिवर्तन की चाहContinue reading “अंग्रेजी बनाम हिंदी”

Loading…

Something went wrong. Please refresh the page and/or try again.

About Me

Hi, I am Ajay, A common man whose life began with very few sweet and many sour experiences. Welcome to my blog.

Subscribe to My Blog

Get new content delivered directly to your inbox.

%d bloggers like this: